Category Archives: Propose Day Shayari

Propose day poem -ya khwab hai ye hakikat

ये ख्वाब है या हकीकत

तुम मेरे पास हो ये झुठ है या सच

छु लो मुझे जरा सा

यकीन हो जाये पूरा सा

या कही ऐसा तो नही

नींद के घर से भाग आया में

ख्वाबो के शहर में

तुम्हे देखते देखते रुक गया में

ख्वाबो के शहर में

तुम ही तुम हो यहाँ

और कोई नहीं मेरी नज़र में

दिल कह रहा है

कह दू तुम्हें वो बात

जो दबी सी है मेरे दिल में

बहुत मुश्किल है समझने में

ये ख्वाब है या हकीकत

तुम मेरे पास हो ये झुठ है या सच